1.Make your OWN time table, and follow it.

Time-table सब बनाते हैं, पर उसे Follow कोई नहीं करता  ?दो चार दिन कर   भी लिया, पर दो दिन बाद सब वहीं का वहीं । ऐसा एक  कारण से होता है, वो है आलस । इसे मिटाने के लिया, आपको ‘अपना’ टाइम टेबल बनाना होगा और अपना मतलब अपना ।

सुबह 6 बजे सब उठते हैं, रात 9 बजे सब सोते हैं, तो वो आपका अपना टाइम टेबल नहीं  हुआ? कहने का मतलब ये नहीं की सुबह जल्दी न उठें या रात को जल्दी न सोयें, ये दोनों कार्य आपके मस्तिष्क और शरीर के लिए बहुत अच्छे हैं लेकिन जो घर बैठे काम करता है और रात 2 बजे दिमाग में सबसे अच्छे विचार (ideas) आते हैं वो सुबह जल्दी उठकर क्या करेगा?

मेरे ख्याल से उसे रात भर काम करना चाहिए और सुबह सोना चाहिए । हम सबके काम अलग होते हैं, तो हमारा टाइम टेबल भी अलग-अलग होना चाहिए ।

  • अपने शरीर की ज़रूरतों को जैसे 6-8 घंटे सोना आदि को अपने टाइम टेबल में ज़रूर शामिल करें ।
  • विश्राम(Rest) के समय को काटकर कोई भी ध्यान भंग करने वाला काम न करें क्योंकि विश्राम शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है ।
  • आलसी न बने । Time Table को फॉलो करें।

तो Time Management की पहली Tips यही होगी की “अपना अलग टाइम टेबल बनाये, जो आपके शरीर और काम पर समान ध्यान देगा और उसे फॉलो करें।”

 

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